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Karmaveer Bhausaheb Hiray

National Level Inter Collegiate Debate Competition (2021)

केंद्र सरकारच्या कृषी कायद्यामध्ये आवश्यक त्या सुधारणांची गरज आहे का ?

केंद्र सरकार के कृषि विषयक अधिनियम में सुधार की आवश्यकता है ?

Is there a need to make amendments in the Agriculture Law of Central Government?
Registration Open Till 20th May 2021
Revised Schedule of Live Online Debate will Be Published After 20th May 2021 on This Web Site
Contact : Prof. Upendra Lad - 09890970557 / Prof. Satish Ahire - 09021469958

Appeal to Students

विद्यार्थी मित्रहो,

कृषी क्षेत्रात मूलगामी बदल करण्याच्या दृष्टीने केंद्र सरकारने 2020 मध्ये कृषिसंबंधी विधेयक लोकसभेत संमत केले. यामध्ये शेती उत्पन्न, व्यापार आणि वाणिज्य (प्रोत्साहन व सुलभता) विधेयक 2020, शेतमाल हमीभाव व शेती सेवा करार (सबलीकरण आणि संरक्षण) विधेयक 2020, आवश्यक वस्तू (दुरुस्ती) विधेयक 2020 या तीन विधेयकांचा समावेश आहे. या तिन्ही विधेयकांच्या विरोधात काँग्रेससह इतर राजकीय पक्ष मैदानात उतरले आहेत. एवढेच नाही तर देशभरातील विशेषत: पंजाब, हरियाणा या राज्यातील शेतकरी आणि शेतकरी संघटना नवीन कृषी बिलाविरोधात आंदोलन करीत आहेत. त्यामुळे जगभरातील लोकांचे लक्ष या कृषी बिलाकडे लागलेले आहे. शेतकरी हा देशातील जनतेचा पोशिंदा समजला जातो. या बिलामुळे काळाच्या ओघात शेतकरी वर्गावर अनेक बरे - वाईट परिणाम होणार आहेत. देशात सुमारे 14 कोटी शेतकरी कुटुंब आहेत. त्यापैकी लघु व सीमांत शेतकर्यांचे प्रमाण सुमारे 82 टक्के एवढे मोठे आहे. त्यांची सौदाशक्ती खूपच कमी आहे. त्यांच्याकडे शेतमाल विक्रय वाढावा खूपच कमी असतो. अशा लघु व सीमांत शेतकर्यांना हे विधेयक कितपत लाभदायक ठरेल याबाबत आज कोणीही काहीही बोलायला तयार नाही.

26 जानेवारी 2021 या प्रजासत्ताक दिनी देशाच्या राजधानीत शेतकर्यांच्या आंदोलनाला हिंसक वळण लागले. ही बाब भारताच्या लोकशाहीला साजेशी बिलकुल नाही. शेतकर्यांच्या आंदोलनाला उणेपुरे तीन महिने लोटले. सरकार व शेतकरी संघटना यांच्यामध्ये चर्चेच्या अनेक फेर्या अयशस्वी ठरल्या. नवीन कृषी विधेयकामुळे इथला शेतकरी व शेती व्यवसाय उध्वस्त होईल अशी भिती शेतकरी संघटनांमार्फत व्यक्त केली जात आहे. अर्थात सरकारने शेतकर्यांशी चर्चा करून व सल्लामसलत करून नवीन कृषी बिल पारित करणे गरजेचे होते; परंतु तसे झालेले नाही. नवीन कृषी बिलाच्या माध्यमातून सरकारने कृषी मालाचा बाजार लिबरल व खुला करण्याचा प्रयत्न केलेला आहे. कृषी उत्पन्न बाजार समित्यांच्या बाहेर शेतकर्याला आपला शेतमाल विकता येणार आहे. शेतकर्यांना शेतमाल आंतरराज्य व आंतरजिल्हा विकण्याची मुभा असणार आहे. तसेच कॉन्ट्रॅक्ट फार्मिंगला प्रोत्साहन मिळणार आहे. नवीन कृषी बिलामुळे किमान आधारभूत किंमत यंत्रणा मोडकळीस येईल? लघु व सीमांत शेतकर्यांसोबत या कंपन्या करार करतील काय? कॉन्ट्रॅक्ट फार्मिंग भारतीय शेतकर्यांना कितपत पचनी पडेल ? बहुराष्ट्रीय कंपन्या शेतमाल उत्पादन व विक्रित आपली मक्तेदारी निर्माण करतील? शेती क्षेत्रात थेट परकीय गुंतवणूक वाढेल काय ? शेतकरी व कंपन्या यांच्यात निर्माण होणारे वाद विवाद कशाप्रकारे सोडवता येतील? असे अनेक प्रश्न आज अनुत्तरित आहेत. कर्मवीर भाऊसाहेब हिरे आंतरमहाविद्यालयीन राष्ट्रीय वादविवाद स्पर्धेचे हे विचारपीठ महाविद्यालयीन विद्यार्थ्यांना आपले प्रगल्भ व सद्सदविवेकी विचार निर्भीडपणे मांडण्यास उपलब्ध करून दिले जात आहे. या विचारपीठावरून केंद्र सरकारच्या कृषी कायद्यामध्ये आवश्यक त्या सुधारणांची गरज आहे का? या विषयावर उचित व सांगोपांग चर्चा घडून यावी, ही अपेक्षा.

विद्यार्थी मित्रों,

कृषि क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन करने की दृष्टि से, केंद्र सरकार ने सन २०२० में लोकसभा में कृषि विधेयक पारित किया। इनमें कृषि उत्पाद, व्यापार और वाणिज्य (पदोन्नति और पहुंच) विधेयक २०२०, कृषि कमोडिटी गारंटी और कृषि सेवा समझौता (सशक्तीकरण और संरक्षण) विधेयक २०२०, आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक २०२० शामिल हैं। कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दल इन तीन विधेयकों के खिलाफ सामने आए हैं। यही नहीं, देश भर के किसान और किसान संगठन, विशेषकर पंजाब और हरियाणा में, नए कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। यही कारण है कि दुनिया भर के लोग इस कृषि बिल पर ध्यान दे रहे हैं। किसान को देश के लोगों को रोटी देने वाला माना जाता है। इस बिल के समय के साथ किसान पर कई अच्छे और बुरे प्रभाव होंगे। देश में लगभग १४ करोड़ किसान परिवार हैं। इसमें से छोटे और सीमांत किसानों का अनुपात लगभग ८२ % है। उनकी सौदेबाजी की शक्ति बहुत कम है। खेत की बिक्री बढ़ाने के लिए उनके पास बहुत कम संसाधन है। आज, कोई यह कहने को तैयार नहीं है कि ऐसे छोटे और सीमांत किसानों को बिल का कितना फायदा होगा। २६ जनवरी, २०२१ को गणतंत्र दिवस, देश की राजधानी में किसानों के आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। यह भारत के लोकतंत्र के अनुरूप नहीं है। किसानों का आंदोलन तीन महीने तक चला। सरकार और किसान संगठनों के बीच कई बार वार्ता विफल रही। किसान संगठन आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि नया कृषि बिल यहां के किसानों और कृषि व्यवसाय को बर्बाद कर देगा। बेशक सरकार किसानों के साथ चर्चा करती है ।
नए कृषि बिल को परामर्श के माध्यम से पारित किया जाना था; लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। नए कृषि बिल के माध्यम से, सरकार ने कृषि वस्तुओं के लिए बाजार को उदार बनाने और खोलने की कोशिश की है। किसान अपनी उपज को कृषि उपज मंडी समितियों के बाहर बेच सकेंगे। किसानों को कृषि उपज अंतर-राज्य और अंतर-जिला बेचने की अनुमति होगी। अनुबंध खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। क्या नया कृषि बिल न्यूनतम बुनियादी मूल्य प्रणाली को बाधित करेगा? क्या ये कंपनियां छोटे और सीमांत किसानों के साथ समझौता करेंगी? भारतीय किसानों को खेती की लागत कितनी होगी? क्या बहुराष्ट्रीय कंपनियां कृषि वस्तुओं के उत्पादन और बिक्री पर अपना एकाधिकार बनाएंगी? क्या कृषि में एफडीआई बढ़ेगा? किसानों और कंपनियों के बीच विवाद कैसे हल करें? ऐसे कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं ।
कर्मवीर भाऊसाहेब हिरे आंतरमहाविद्यालयीन राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के इस विचार मंच को कॉलेज के छात्रों को बिना किसी डर के अपने गहन और ईमानदार विचारों को व्यक्त करने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विचार मंच से, “क्या केंद्र सरकार के कृषि अधिनियम में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता है? उम्मीद है कि इस मुद्दे पर निष्पक्ष और रचनात्मक चर्चा होगी ।

Dear Student,

The Central Government passed the Agriculture Bill in the Indian Parliament in 2020, to bring radical changes in the Agriculture sector. The three Bills that have created a widespread uproar in the country are as follows:
1. Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020
2. Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020
3. Essential Commodities (Amendment) Act, 2020
The Congress and other political parties in India are expressing their strong resistance to these Acts. The farmers and Agricultural Organizations across the country, especially from Punjab and Haryana are protesting against the New Agriculture Bill. This protest has grabbed the global attention. Farmers are considered as the backbone of the country. They feed the entire nation. The New Agriculture Bill is likely to affect the farmers of this country. There are approximately 14 Crore farmer families in India. Out of this, the proportion of small and marginal farmers is about 82%.The bargaining power of these small and marginal farmers is extremely weak. Today, no one is willing to discuss the issue “How the New Agriculture Bill will benefit these small and marginal farmers?”
On the Republic Day (26th January, 2021), the Farmers’ protest took a violent turn in the capital of India. This incident is indeed a disgrace to our democracy.
This protest has been going on since last three months. No solution could emerge, despite several rounds of discussion between the Central Government and protesting Organisations. These Organizations are expressing fears that the New Agriculture Bill will devastate the farmers and the Agriculture sector of India. They are apprehensive that this Bill will negatively impact their income and will further deteriorate their living conditions. Central Government should have passed the Bill, after discussion and consultation with the farmers and Agriculture Unions. However, this did not happen. The Government has tried, to liberalize and open up the market for Agricultural commodities, through this Bill. This Bill permits Inter-state and Inter-District trade of Farmers’ produce, beyond the physical premises of Agricultural Produce Market Committee (APMC) markets. It also promotes Contract farming.
Will this Bill devastate the Minimum Support Price System? Will Contract farming be suitable for farmers? Will the Multi –national companies create monopoly in the production and sale of Agriculture Produce? Will these companies enter into agreement with small and marginal farmers? Will there be an increase in the FDP (Foreign Direct Investment) in the Agriculture Sector? How to resolve the disputes between farmers and companies? Many such questions remain unanswered today. Only time will narrate the outcome/s of this Bill and whether or not it will actually go about helping the farmers of our country.
Through “Karmaveer Bhausaheb Hiray Inter-Collegiate Debate Competition”, we are trying to provide a platform to the students to express their views fearlessly on the Topic Is there a need to make amendments in the Agriculture Law of Central Government ?
It is expected that a fair and proper discussion on this topic will take place through this Debate Competition.
Dr. Prashant Vyankatrao Hiray
General Secretary,
Mahatma Gandhi Vidyamandir,
Nashik, Maharashtra

Chief Patrons and Organizers

Chief Patrons
Hon'ble Dr. Mrs. Yogita Apoorva Hiray
Chair Person, College Development Committee
Hon'ble Dr. Apoorva Prashant Hiray
Co-ordinator, Mahatma Gandhi Vidyamandir, Nashik
Hon'able Dr. Advay Prashant Hiray-Patil
Trustee, Mahatma Gandhi Vidyamandir, Nashik
Organizers
Dr. Kiran Namdeo Pingale
Co-ordinator (Debate Competition)
Dr. Chandrakant G. Dighavkar
Principal

Rules and Regulations

Rules for First Round
1. The competition is open for the Graduate & Post Graduate Students of Senior Colleges and Universities in India.
2. Individual entries will not be entertained. Participants must register through college only.
3. The Competition will be conducted in three languages (Marathi, Hindi & English).
4. If college / institution is willing to participate in more than one language for debate, separate registration form should be submitted for each language.
5. Every College can register Only one team for each Language. (Maximum 3 Teams). The age of participants should not be more than 25 years.
6. College can register only one team for each language ( Maximum 3 Teams) .Each team shall consist of two participants.
7. One member of team will speak in favour of motion and other will against the motion but both member of team shall speak in same language.
8. One student from each team should speak in favour of the motion and the other against the motion.
9. The College should submit a recorded Video of participants (3 minutes each) individual video should be uploaded for each participant, on the given topic for the First round of the competition.
10. If any participant do not have companion as a team member then he or she can apply as individual participant, in this case please repeat same information in the fields for other participant.
11. The whole speech should be recorded in one go - any Editing, Trimming or Cuttings in the video is not allowed.
12. Reading out the entire speech from a paper/ computer screen is not allowed.
13. A panel of judges will select the Teams for the final round. The selected Teams will participate in the Live Virtual Debate Competition.
14. List of selected team/participants will be displayed with details on same portal on 14th April 2021.
15. Selected team/teams members shall remain present in live session scheduled on 16th and 17th April 2021.
16. It is the responsibility of participants to use high speed Internet, good quality microphone, high resolution camera during live session.
17. During live speech session if there is any disconnection or sound problem or video issue experienced by the panel, such participants will not get repeated chance to participate in debate.
18. E-Certificate of participation will be provided to all the participants on the email ID provided by them at the time of registration.
19. The organizers will not be responsible for any kind of technical hitches.
20. The decision of the judges and the organizing committee will be final and binding.
21. Entry Fee Rs. 500/- per team is non refundable and non-transferable.
22. All the speeches and videos recorded during live session of competition and received for first round are copyrighted material of Loknete Vyankatrao Hiray Arts Science & Commerce College Panchavati, Nashik, (MS), and the college authority reserve rights to publish any of the content as and when required.

Registration Process

  Entry Fee per team is Rs. 500.
  You need to make payment online.
  Please upload ‘Authorization Letter’ duly signed by the Principal of the college.
  Please record your video of maximum three minutes duration and upload on Youtube or Google drive and share its link while registering for debate competition..
  For each language (Marathi, Hindi, English) separate Registration Form should be submitted.

Important Dates

1. Last Date of Registration 20th May 2021
2. Selection of the teams for Final Round Will be Published After 20th May 2021 On This Web Site
3. Final Round (Live- Online) Will be Published After 20th May 2021 On This Web Site
4. Declaration of Result Will be Published After 20th May 2021 On This Web Site

Prizes

1. For Team Karmaveer Bhausaheb Hiray Trophy For The Best Team
2. Cash Prizes Individual The first three individual performances will get cash prizes of Rs. 21000/-, Rs. 11000/- and Rs. 7000/- respectively
3. Cash Prizes (Language Wise) Language wise (Marathi, Hindi, English) prizes (1st, 2nd & 3rd) will be awarded to participants.
Overall 1st, 2nd and 3rd Prize winners will not be awarded Language wise Prizes.